कांग्रेस नेता पर हमले का मास्टरमाइंड नेपाल से लौटा तो पुलिस ने दबोचा! CCTV ने खोली पूरी कहानी
मॉर्निंग वॉक के दौरान हुआ था हमला, 4 आरोपी पहले ही गिरफ्तार; मुख्य आरोपी दीपक तिवारी गिरफ्तारी से बचने नेपाल भाग गया था

बिलासपुर, 18 सितंबर 2026। कांग्रेस नेता पर हमले के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी दीपक तिवारी (29) को आखिरकार तारबाहर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी नेपाल तक पहुंच गया था, लेकिन तकनीकी निगरानी के जरिए पुलिस उसकी गतिविधियों तक पहुंची और घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गौरेला थाना क्षेत्र के पटेराटोला निवासी दीपक तिवारी को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया है।

पुलिस के मुताबिक घटना 4 जुलाई 2026 की सुबह करीब 6:45 बजे की है। शिशिर कश्यप ने तारबाहर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पिता मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। रेलवे अस्पताल के पास पहुंचते ही तीन लोग वहां पहुंचे।
आरोप है कि तीनों ने चेहरे पर कपड़ा बांध रखा था और उनके हाथ में डंडे व नुकीली वस्तु थी। आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और मारपीट की। शिकायत के आधार पर तारबाहर थाने में अपराध क्रमांक 221/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई।

CCTV में कैद हुई संदिग्धों की हरकत
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज से संदिग्धों की गतिविधियों के साथ-साथ घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल की पहचान करने में भी मदद मिली। इसके बाद पुलिस ने CCTV और तकनीकी साक्ष्यों को जोड़ते हुए आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास शुरू किया।
चार आरोपी पहले ही जा चुके हैं जेल
मामले में पुलिस ने पहले ही नितिन टेकाम, एक विधि से संघर्षरत बालक, आंचल साहिल और नवीन पटेल को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया था। लेकिन मुख्य आरोपी दीपक तिवारी लगातार पुलिस की पकड़ से बाहर था।

नेपाल भागा… लेकिन तकनीकी निगरानी से नहीं बच सका
पुलिस और साइबर टीम ने आरोपी की तलाश में उसके संभावित ठिकानों पर लगातार निगरानी रखी। कई स्थानों पर दबिश भी दी गई। इसी दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि दीपक तिवारी गिरफ्तारी से बचने के लिए नेपाल चला गया है।
तकनीकी साक्ष्यों से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखी। जैसे ही आरोपी संभावित ठिकाने पर पहुंचा, पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
इन धाराओं में दर्ज है मामला
तारबाहर पुलिस ने मामले में धारा 296, 351(3), 115(2), 3(5), 61(2), 109 और 55 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की आगे की जांच जारी है।









